पिकरिंग स्कूल बोर्ड ट्रस्टी चुनाव: हितेश परिख के अभियान में स्टूडेंट्स, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरंसी और पेरेंट्स केंद्र में

पिकरिंग स्कूल बोर्ड ट्रस्टी चुनाव: हितेश पारिख के अभियान में छात्र, टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और अभिभावक केंद्र में
ध्वनि न्यूज़ ऑनलाइन | पिकरिंग
पिकरिंग के मतदाता आगामी 26 अक्टूबर, 2026 को होने वाले नगरपालिका और स्कूल बोर्ड चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच हितेश परिख ने दुरहम डिस्ट्रिक्ट स्कूल बोर्ड (DDSB) के लिए पिकरिंग से ट्रस्टी पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी दावेदारी पेश की है। उनका चुनाव अभियान मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर केंद्रित है—छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण, कक्षाओं में बदलती टेक्नोलॉजी का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग, बजट और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में वित्तीय पारदर्शिता तथा स्कूल बोर्ड के फैसलों में अभिभावकों की सीधी भागीदारी।
हितेश परिख स्वयं को एक अनुभवी सामुदायिक सदस्य के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जिन्होंने प्रोफेशनल डेवलपमेंट और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनका कहना है कि उनका दृष्टिकोण व्यावहारिक और समुदाय-केंद्रित है, जिसमें छात्रों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। उनके चुनाव अभियान का प्रमुख संदेश है, “टुगेदर वी कैन बिल्ड स्ट्रॉन्ग, सुरक्षित एंड इन्क्लूसिव स्कूल्स”, यानी मिलकर मजबूत, सुरक्षित और समावेशी स्कूलों का निर्माण किया जा सकता है। यह संदेश छात्रों, परिवारों, स्कूलों और स्कूल बोर्ड के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की उनकी सोच को दर्शाता है।
हितेश परिख की प्राथमिकताओं में पहला और बेहद संवेदनशील मुद्दा छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य है। उनके चुनाव अभियान के अनुसार, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना चाहिए। जिन स्कूलों में काउंसलर और मानसिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए वे प्रयास करने की बात कर रहे हैं।
इसके साथ ही, उनका प्रस्ताव बोर्ड स्तर पर एक समान ‘अर्ली इंटरवेंशन और रेफरल पॉलिसी’ लागू करने का है, ताकि किसी भी छात्र को सहायता की आवश्यकता होने पर स्कूल के पास एक स्पष्ट और व्यवस्थित प्रक्रिया उपलब्ध हो। अभिभावकों और छात्रों के साथ नियमित टाउन हॉल आयोजित कर उनकी चिंताओं को सीधे सुनना तथा बोर्ड की ओर से उठाए गए कदमों और प्रतिक्रियाओं की जानकारी उन्हें देते रहना भी उनकी प्रस्तावित कार्यशैली का हिस्सा है।
उनकी दूसरी प्रमुख प्राथमिकता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और STEM लर्निंग है। मौजूदा दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा व्यवस्था और रोजगार बाजार दोनों को तेजी से बदल रहा है। हितेश परिख का मानना है कि शिक्षकों और छात्रों को इस बदलती टेक्नोलॉजी से अपने स्तर पर निपटने के लिए छोड़ने के बजाय स्कूल बोर्ड को कक्षाओं में AI के जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नीति और दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए।
इसके साथ ही, दुरहम कॉलेज, ओंटारियो टेक यूनिवर्सिटी और स्थानीय नियोक्ताओं के साथ साझेदारी विकसित कर छात्रों को मेंटरशिप, व्यावहारिक अनुभव और भविष्य के करियर की दिशा समझने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी उनके एजेंडे में शामिल है।
वित्तीय पारदर्शिता उनके चुनाव अभियान का तीसरा प्रमुख स्तंभ है। उनका कहना है कि स्थानीय करदाताओं और परिवारों को स्पष्ट रूप से यह जानने का अधिकार है कि स्कूल बोर्ड सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किस प्रकार कर रहा है। केवल उच्च स्तरीय वित्तीय सारांश जारी करने के बजाय वे ऐसे विस्तृत और मदवार बजट रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात करते हैं, जिन्हें अभिभावक आसानी से समझ सकें।
हितेश परिख की चौथी प्राथमिकता अभिभावकों के साथ मजबूत भागीदारी स्थापित करना है। उनका प्रस्ताव है कि पिकरिंग के अभिभावक अपने निर्वाचित ट्रस्टी से सीधे संवाद कर सकें, इसके लिए नियमित रूप से व्यक्तिगत और वर्चुअल ‘ऑफिस अवर्स’ उपलब्ध कराए जाएं।
स्कूल कार्यक्रमों में बदलाव या स्कूल की सीमाओं में परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अभिभावकों के साथ सलाह-मशविरा करने की व्यवस्था को वे महत्वपूर्ण मानते हैं। साथ ही, स्कूल काउंसिल की आवाज केवल संबंधित स्कूल तक सीमित न रहे, बल्कि उसे बोर्ड स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था को भी वे मजबूत करना चाहते हैं।
पिकरिंग से दुरहम डिस्ट्रिक्ट स्कूल बोर्ड के लिए दो ट्रस्टी चुने जाते हैं। आगामी 26 अक्टूबर के चुनाव में मतदाताओं के सामने हितेश परिख के इन चार प्रमुख मुद्दों पर आधारित चुनावी प्लेटफॉर्म के साथ अन्य उम्मीदवारों के रिकॉर्ड, नीतियों और प्राथमिकताओं को समझने और उनकी तुलना करने का अवसर होगा। अंतिम निर्णय पिकरिंग के मतदाताओं के हाथ में होगा कि वे स्कूल बोर्ड में अपने प्रतिनिधित्व के लिए किस उम्मीदवार की नीतियों और दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हैं।

