6 September 2026

जागृति भट्ट: ब्रैम्पटन सिटी हॉल में नई ‘जागृति’ लाने का दृढ़ संकल्प!

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    ब्रैम्पटन, ओंटारियो: ब्रैम्पटन में 2026 के नगरपालिका चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसके साथ ही स्थानीय राजनीति का माहौल भी गर्म होने लगा है। शहर में जगह-जगह उम्मीदवारों के चुनावी साइन दिखाई दे रहे हैं, सोशल मीडिया पर प्रचार तेज हो गया है, डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू हो चुके हैं और उम्मीदवार लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। ऐसे चुनावी माहौल में ब्रैम्पटन के निवासियों के मन में भी कई महत्वपूर्ण सवाल हैं।

    ध्वनि कम्युनिटी न्यूज़पेपर ने आम नागरिकों की इन्हीं चिंताओं और सवालों को उम्मीदवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक विशेष इंटरव्यू श्रृंखला शुरू करने की बात कही थी। इसी श्रृंखला की पहली कड़ी में ध्वनि के चीफ एडिटर हितेश जगड ने ब्रैम्पटन के मेयर पद की उम्मीदवार जागृति भट्ट से उनके चुनावी प्लेटफॉर्म और शहर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।

    इस बातचीत में प्रॉपर्टी टैक्स, ट्रैफिक, अपराध, बच्चों की सुरक्षा, स्पीड कैमरे, हाउसिंग, मानसिक स्वास्थ्य, नशे की समस्या और बेघर लोगों की स्थिति जैसे कई गंभीर मुद्दों पर खुले तौर पर चर्चा हुई और जागृति भट्ट से सीधे तथा तीखे सवाल पूछे गए।

    इंटरव्यू की शुरुआत में ही हितेश जगड ने हल्के अंदाज़ में सवाल किया कि आपके नाम ‘जागृति’ का अर्थ ही चेतना और जागरूकता लाना है, तो क्या आप ब्रैम्पटन सिटी हॉल में भी कोई नई जागृति और बदलाव लाने के लिए चुनाव लड़ रही हैं?

    सवाल सुनकर जागृति भट्ट मुस्कुराईं और उन्होंने कहा कि मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना अपने आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। आज ब्रैम्पटन के लोग कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स, ट्रैफिक, सुरक्षा और रोजमर्रा के बढ़ते खर्चों के कारण अनेक परिवार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि वे सिटी हॉल में ऐसी जवाबदेही और पारदर्शिता लाना चाहती हैं, जहां चुनाव के दौरान किए गए वादे केवल कागज़ों और भाषणों तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिक उन वादों को धरातल पर लागू होते हुए देख सकें।

    जब उनसे पूछा गया कि लगभग हर उम्मीदवार बदलाव की बात करता है, लेकिन यदि वे मेयर चुनी जाती हैं तो उनका पहला कदम क्या होगा, तो जागृति भट्ट ने कहा कि उनके कार्यकाल के पहले 100 दिनों में शहर के वित्तीय रिकॉर्ड और कामकाज की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि पिछले बड़े प्रोजेक्ट्स, कॉन्ट्रैक्ट्स, ग्रांट्स और सिटी सर्विसेज़ की गंभीर समीक्षा जरूरी है। करदाताओं से अधिक पैसा मांगने, कोई नया बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने या नई ग्रांट मंजूर करने से पहले यह देखा जाना चाहिए कि सिटी हॉल में जनता का पैसा कहां और कैसे खर्च हो रहा है।

    प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि जब भी सरकार को अधिक फंड की आवश्यकता होती है तो सबसे पहले उसका बोझ टैक्सपेयर्स पर डाल देना समाधान नहीं है। उससे पहले सिटी हॉल के अनावश्यक खर्च और धन की बर्बादी रोकने की जरूरत है।

    महंगाई, ऊंची मॉर्गेज दरों, किराना और इंश्योरेंस के बढ़ते खर्च पर चर्चा करते हुए जागृति भट्ट ने स्वीकार किया कि कोई मेयर किराने की कीमतें या बैंक की ब्याज दरें सीधे नियंत्रित नहीं कर सकता। लेकिन नगरपालिका सरकार अपनी फीस, टैक्स और स्थानीय स्तर के खर्चों को नियंत्रित कर नागरिकों को कुछ राहत जरूर दे सकती है।

    ब्रैम्पटन में कार इंश्योरेंस के ऊंचे प्रीमियम पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को प्रांतीय सरकार के सामने मजबूती से उठाने की जरूरत है और वे पोस्टल कोड के आधार पर इंश्योरेंस प्रीमियम तय करने की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग का समर्थन करेंगी।

    बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक के मुद्दे पर जागृति भट्ट ने कहा कि स्कूलों और रिहायशी इलाकों में चाइल्ड सेफ्टी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

    स्पीड कैमरों के बारे में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना या अधिक से अधिक टिकट जारी करना नहीं होना चाहिए। उनका वास्तविक उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार और तेज रफ्तार ड्राइविंग को रोकना होना चाहिए।

    बाइक लेन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे साइकिल लेन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पर्याप्त अध्ययन किए बिना और सड़क की वास्तविक क्षमता को समझे बिना हर जगह बाइक लेन बना देना उचित नहीं है। अनियंत्रित विकास और तेजी से बढ़ती आबादी के कारण सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ रहा है, इसलिए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को उसी रफ्तार से मजबूत करना जरूरी है।

    ब्रैम्पटन में कार चोरी, घरों में सेंधमारी और हिंसक अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए जागृति भट्ट ने कहा कि केवल पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने या राजनीतिक बयान देने से अपराध की समस्या समाप्त नहीं होगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि मेयर अकेले पील रीजनल पुलिस (Peel Regional Police) को नियंत्रित नहीं कर सकता और न ही यह खोखला वादा किया जा सकता है कि अपराध रातोंरात गायब हो जाएगा। हालांकि, मेयर के रूप में पुलिस को आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को वे प्राथमिकता देंगी।

    उन्होंने कहा कि अपराध से निपटने के लिए कानून लागू करना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है अपराध को होने से पहले रोकना और उसकी जड़ों तक पहुंचना।

    आज कई युवा भटकाव का सामना कर रहे हैं। उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए रोजगार के अवसर, कौशल विकास प्रशिक्षण, खेल और मनोरंजन गतिविधियां तथा बेहतर मेंटरशिप उपलब्ध करानी होगी। इसके साथ सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग और सुरक्षित अर्बन डिजाइन के माध्यम से भी नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।

    उनका कहना था कि समाज की हर समस्या का समाधान केवल पुलिसिंग से संभव नहीं है। युवाओं को अपराध की ओर जाने से रोकने के लिए मजबूत सामाजिक ढांचा तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है।

    मानसिक स्वास्थ्य, नशे की लत और बेघर लोगों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करते हुए जागृति भट्ट ने कहा कि अब इन विषयों पर खुले मन से बातचीत करने की तत्काल आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव या नशे की समस्या किसी को भी प्रभावित कर सकती है — चाहे वह युवा हो, वरिष्ठ नागरिक हो, नौकरी खो चुका व्यक्ति हो या गंभीर आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहा कोई परिवार।

    उन्होंने माना कि हेल्थकेयर मुख्य रूप से प्रांतीय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन नगरपालिका नेतृत्व की भी जिम्मेदारी है कि विभिन्न संस्थाओं को एक मंच पर लाया जाए और लोगों के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाए।

    उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की स्थिति के पूरी तरह संकट में बदलने का इंतजार करने के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें उसे शुरुआती स्तर पर ही समय पर मदद मिल सके।

    बेघर लोगों और नशे की समस्या पर जागृति भट्ट ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि बेघर व्यक्ति भी एक इंसान है। यह समझना जरूरी है कि आखिर वह उस स्थिति तक कैसे पहुंचा — क्या इसके पीछे हाउसिंग की समस्या है, मानसिक स्वास्थ्य, नशे की लत, बेरोजगारी या कोई अन्य कारण?

    उन्होंने कहा कि केवल किसी बेघर व्यक्ति को एक पार्क से हटाकर दूसरे पार्क में भेज देने से समस्या समाप्त नहीं होती। स्थायी समाधान के लिए पील रीजन, मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं तथा विभिन्न स्तर की सरकारों को मिलकर काम करना होगा।

    साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि करुणा और संवेदनशीलता के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि सामान्य परिवार सार्वजनिक स्थानों, पार्कों, लाइब्रेरी और ट्रांजिट का सुरक्षित रूप से उपयोग कर सकें।

    बेसमेंट रेंटल और रेजिडेंशियल रेंटल लाइसेंसिंग के सवाल पर जागृति भट्ट ने कहा कि हर मकान मालिक या लैंडलॉर्ड को अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, फायर सेफ्टी के उल्लंघन और गैरकानूनी ओवरक्राउडिंग के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

    स्थानीय व्यवसायों को राहत देने के लिए उन्होंने बिज़नेस लाइसेंस फीस में 30 से 50 प्रतिशत तक की कटौती करने की योजना भी सामने रखी।

    इसके अलावा उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स और नए इमिग्रेंट्स को असुरक्षित हाउसिंग तथा शोषण से बचाने के लिए कॉलेजों और कम्युनिटी ऑर्गेनाइजेशन्स के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

    इंटरव्यू के अंत में उनसे पूछा गया कि वे स्वयं एक गौरवान्वित गुजराती इंडो-कैनेडियन हैं, तो पाठक उन्हें वोट क्यों दें?

    इस सवाल पर जागृति भट्ट ने कहा, “सिर्फ इसलिए मुझे वोट मत दीजिए कि मैं एक महिला हूं। मेरे विचार, मेरी योजनाएं और मेरा विज़न देखिए। सवाल पूछिए और मेरी तुलना दूसरे उम्मीदवारों से कीजिए। यदि किसी उम्मीदवार के पास मुझसे बेहतर समाधान हैं, तो लोगों को उन पर भी विचार करना चाहिए। सिटी हॉल में वास्तविक जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है।”


    संपादकीय संदेश: लोकतंत्र में आपका वोट ही आपकी असली ताकत है

    ध्वनि कम्युनिटी न्यूज़पेपर के चीफ एडिटर हितेश जगड ने अपने विशेष संदेश में स्पष्ट किया है कि यह इंटरव्यू किसी विशेष उम्मीदवार का समर्थन या एंडोर्समेंट नहीं है।

    ध्वनि का उद्देश्य अपने पाठकों को उम्मीदवारों के विचारों और चुनावी योजनाओं से अवगत कराना तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है। विशेष रूप से ओंटारियो और कनाडा की राजनीति में आगे आ रहे गुजराती इंडो-कैनेडियन उम्मीदवारों को अपनी बात समुदाय तक पहुंचाने के लिए मंच प्रदान करना भी समाचार-पत्र अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानता है।

    हितेश जगड ने समुदाय से अपील की कि राजनीति को केवल ड्रॉइंग रूम, चाय-कॉफी की चर्चाओं या व्हाट्सऐप ग्रुप तक सीमित न रखें। चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। उम्मीदवारों से सवाल पूछें, उनके वादों को परखें, उनकी योजनाओं को समझें और पूरी जागरूकता के साथ मतदान करें।

    आपका वोट किसी राजनीतिक पार्टी, सोशल मीडिया ग्रुप या कम्युनिटी ऑर्गेनाइजेशन का नहीं है — आपका वोट आपका अपना है।

    इसलिए 2026 के नगरपालिका चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर, जिम्मेदारी और विवेक के साथ करें। क्योंकि लोकतंत्र में आखिरकार आपका एक वोट ही आपकी सबसे बड़ी आवाज़ और आपकी असली ताकत है।


    रीडर्स के लिए ध्वनि का पारदर्शिता संदेश

    ध्वनि कम्युनिटी न्यूज़पेपर अपने रीडर्स के प्रति पूरी पारदर्शिता बनाए रखना चाहता है। जागृति भट्ट के साथ यह इंटरव्यू पूरी तरह से अवैतनिक (Unpaid) है। इस इंटरव्यू के लिए उम्मीदवार या उनकी चुनावी टीम से किसी प्रकार का भुगतान नहीं लिया गया है।

    इस विशेष इंटरव्यू श्रृंखला का वास्तविक उद्देश्य किसी उम्मीदवार का प्रचार या समर्थन करना नहीं, बल्कि कम्युनिटी को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों, उनके विचारों, योजनाओं और विज़न को बेहतर ढंग से जानने का अवसर देना है। हमारा प्रयास है कि वोटर्स उम्मीदवारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को समझें, सवाल पूछें, अलग-अलग उम्मीदवारों की तुलना करें और मतदान के समय अपना स्वतंत्र एवं सूचित निर्णय (Informed Decision) ले सकें।

    ध्वनि का मानना है कि एक जागरूक वोटर ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है।

    इस इंटरव्यू या ध्वनि की चुनावी कवरेज से संबंधित किसी भी सवाल, सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए हमें ईमेल करें: dhwaninewsmedia@gmail.com

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