ब्रैम्पटन बदल चुका है, अब सिटी हॉल में भी बदलाव जरूरी: वार्ड 2 और 6 के उम्मीदवार केवल शाह

ब्रैम्पटन: ब्रैम्पटन शहर जैसे-जैसे 2026 के म्युनिसिपल इलेक्शन की ओर बढ़ रहा है, ‘ध्वनि इंडो-कैनेडियन कम्युनिटी न्यूज़पेपर’ निष्पक्ष रहते हुए स्थानीय कम्युनिटी के सामने चुनावी उम्मीदवारों और आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर गंभीर चर्चा लाने का प्रयास कर रहा है। साथ ही हमारा सवाल सीधा है—आखिर कम्युनिटी किसी उम्मीदवार को अपना वोट क्यों दे?
‘ध्वनि’ का उद्देश्य केवल चुनावी दावों, प्रचार या उम्मीदवारों के बैनर को जगह देना नहीं है, बल्कि उन बुनियादी मुद्दों पर गहराई से चर्चा करना है, जिनका सीधा असर नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
इसी विशेष चुनावी इंटरव्यू सीरीज़ के तहत ‘ध्वनि’ के चीफ एडिटर हितेश जगड ने वार्ड 2 और 6 से सिटी काउंसिलर पद के उम्मीदवार केवल शाह के साथ एक विशेष टेलीफोनिक इंटरव्यू किया। बातचीत के दौरान तेजी से हो रहे डेवलपमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रॉपर्टी टैक्स, सड़कें, स्कूल, अस्पताल, अपराध, वाहन चोरी, होम इन्वेज़न, मेंटल हेल्थ, एडिक्शन, बच्चों की सुरक्षा और सिटी हॉल में बदलाव की जरूरत जैसे कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
केवल शाह की चुनावी सोच का मुख्य आधार एक सीधा सवाल है—ब्रैम्पटन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन क्या नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं और शहर का इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उसी रफ्तार से विकसित हुआ है?
केवल शाह पिछले 25 वर्षों से कनाडा और 11 वर्षों से ब्रैम्पटन में रह रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से वे वार्ड 6 में निवास कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्थानीय निवासी होने के कारण वे कम्युनिटी की समस्याओं को बेहद करीब से देख और समझ पाए हैं।
‘ध्वनि’ से बातचीत में शाह ने कहा, “मैं यहीं रहता हूं। यहां के रेजिडेंट्स जो देखते हैं, वही मैं भी देखता हूं और जिन परेशानियों से वे गुजरते हैं, उनका अनुभव मैं भी करता हूं। जब आप किसी शहर में एक दशक से अधिक समय से रह रहे हों, तो आपको अच्छी तरह समझ आने लगता है कि यहां क्या उपलब्ध है और किन बुनियादी सुविधाओं की कमी है।”
स्थानीय परिवारों के साथ उनका रिश्ता केवल एक पड़ोसी के रूप में ही नहीं, बल्कि पेशेवर स्तर पर भी रहा है। शाह पिछले 18 वर्षों से एक सफल प्रोफेशनल रियल्टर के रूप में काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि वाले ब्रैम्पटन के अनेक परिवारों के साथ काम किया है।
शाह के मुताबिक, एक रियल्टर और क्लाइंट के बीच बातचीत केवल घर खरीदने या बेचने तक सीमित नहीं रहती। परिवार अक्सर मॉर्गेज, नौकरी, घरेलू बजट, बच्चों की शिक्षा, ट्रैफिक, सुरक्षा, अफोर्डेबिलिटी और एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट होने के आर्थिक कारणों पर खुलकर बात करते हैं।
उनका कहना है कि यह केवल एक प्रोफेशनल सर्विस नहीं रह जाती, बल्कि लोगों के साथ एक सामाजिक रिश्ता भी बन जाता है। लोग अपने जीवन के संघर्ष और आर्थिक परेशानियां साझा करते हैं। शाह का मानना है कि इन्हीं अनुभवों ने उन्हें कम्युनिटी की नाराजगी, परेशानियों और बढ़ते आर्थिक बोझ की जड़ों को समझने में मदद की है।
वार्ड 6 के लिए शाह तेजी से और अनियंत्रित तरीके से बढ़ रहे रेजिडेंशियल डेवलपमेंट को सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक मानते हैं। घर लगातार बनाए जा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या उनके साथ सड़कें, स्कूल, रिक्रिएशन सेंटर्स, कमर्शियल स्पेस और स्थानीय रोजगार के अवसर भी उसी अनुपात में उपलब्ध हो रहे हैं?
शाह का कहना है कि मुद्दा केवल घर बनाने का नहीं है, बल्कि उन घरों में रहने आने वाले परिवारों के लिए किस तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है।
एक सफल और समृद्ध नेबरहुड केवल कंक्रीट के मकानों से नहीं बनता। वहां रहने वाले परिवारों को पार्क, ग्रोसरी स्टोर, स्थानीय बिजनेस, रोजगार के अवसर और मजबूत ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क की भी जरूरत होती है। वर्तमान में कई डेवलपिंग इलाकों में रहने वाले लोगों को छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए भी कई किलोमीटर ड्राइव करना पड़ता है और नौकरी के लिए लंबा कम्यूट करना पड़ता है।
केवल शाह को मिला बड़ा समर्थन
केवल शाह के चुनावी अभियान और सार्वजनिक सेवा के दृष्टिकोण को हाल ही में एक महत्वपूर्ण समर्थन मिला है। ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) की प्रमुख रियल एस्टेट ब्रोकरेज कंपनियों में शामिल HomeLife Miracle के ब्रोकर ऑफ रिकॉर्ड अजय शाह ने केवल शाह की उम्मीदवारी का आधिकारिक रूप से समर्थन किया है।
अजय शाह और HomeLife Miracle Group का यह समर्थन दर्शाता है कि रियल एस्टेट और बिजनेस कम्युनिटी के कुछ प्रमुख सदस्य भी केवल शाह की नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक सोच पर भरोसा जता रहे हैं। इस एंडोर्समेंट से उनके चुनावी अभियान को स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त मजबूती मिली है।
दूसरी ओर, वार्ड 2 की चुनौतियां कुछ अलग हैं। वार्ड 6 के नए डेवलपमेंट वाले क्षेत्रों के विपरीत वार्ड 2 पहले से स्थापित और पुराने रेजिडेंशियल इलाकों में शामिल है।
केवल शाह के मुताबिक, यहां सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि नए प्रोजेक्ट्स की दौड़ में पुराने इलाकों की अनदेखी न हो जाए। सड़क रखरखाव, ट्रैफिक जाम, स्नो रिमूवल, पार्किंग, पार्क और पुराने होते सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है।
उनका कहना है कि यदि भविष्य में इन इलाकों में डेंसिटी बढ़ाई जाती है, तो उससे पहले यह देखना जरूरी होगा कि मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर कितना अतिरिक्त दबाव सहन कर सकता है।
सिर्फ नए घर जोड़ देना विकास नहीं कहलाता। यह भी समझना जरूरी है कि उसका ट्रैफिक, पार्किंग, स्कूलों और स्थानीय लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ पर क्या असर पड़ेगा।
पुराने इलाकों में तेज रफ्तार वाहन, रिहायशी सड़कों को शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करना और स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा गंभीर चिंता के विषय हैं। बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित सड़कें केवल शाह की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनका मानना है कि ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां बच्चे अपने नेबरहुड में सुरक्षित तरीके से पैदल स्कूल जा सकें और पार्कों में बिना डर के खेल सकें।
पब्लिक सेफ्टी पर बात करते हुए शाह ने वाहन चोरी, घरों में सेंधमारी और होम इन्वेज़न जैसी आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता जताई।
उनके मुताबिक, किसी परिवार के लिए अपराध केवल सरकारी आंकड़ों का हिस्सा नहीं है। यह अपने घर और अपने नेबरहुड में बिना डर के रहने के अधिकार से जुड़ा सवाल है।
वे मजबूत क्राइम प्रिवेंशन और पुलिस बजट के प्रभावी तथा जिम्मेदार इस्तेमाल की वकालत करते हैं। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि हर समस्या का समाधान केवल पुलिसिंग नहीं हो सकती।
मेंटल हेल्थ, नशे की लत और होमलेसनेस जैसे मुद्दे भी पब्लिक सेफ्टी से जुड़े हुए हैं। जरूरतमंद लोगों को सही समय पर उचित सहायता मिलनी चाहिए, ताकि संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ पूरा समुदाय भी सुरक्षित रह सके।
हेल्थकेयर पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि अस्पताल मुख्य रूप से प्रांतीय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन ब्रैम्पटन के म्युनिसिपल नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे शहर की जरूरतों और उसके अधिकारों के लिए ओंटारियो सरकार के सामने मजबूती से आवाज उठाएं।
प्रॉपर्टी टैक्स के महत्वपूर्ण मुद्दे पर शाह का कहना है कि टैक्स को नियंत्रण में रखने के लिए सिटी हॉल के खर्चों पर गंभीरता से नजर रखना जरूरी है।
आज परिवार मॉर्गेज, ग्रोसरी और इंश्योरेंस के बढ़ते खर्चों के दबाव में हैं। ऐसे समय में टैक्सपेयर्स के एक-एक डॉलर का सही हिसाब होना चाहिए और नागरिकों को अपने टैक्स के बदले उचित मूल्य और सेवाएं मिलनी चाहिए।
शाह का कहना है कि वे ऐसा नेतृत्व देना चाहते हैं जो केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि चुनाव समाप्त होने के बाद भी लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध रहे।
वार्ड 2 और 6 के रेजिडेंट्स आपको ही वोट क्यों दें?
जब ‘ध्वनि’ ने केवल शाह से सीधा सवाल किया कि वार्ड 2 और 6 के रेजिडेंट्स आखिर उन्हें ही वोट क्यों दें, तो उन्होंने कहा:
“मैं लोगों से सिर्फ इसलिए मुझे वोट देने के लिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि मैं एक उम्मीदवार हूं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने नेबरहुड में चारों तरफ देखें और खुद फैसला करें कि क्या वास्तव में बदलाव की जरूरत है या नहीं।
अपनी प्रोफेशनल सर्विसेज के दौरान मैंने ब्रैम्पटन के अनगिनत परिवारों को अफोर्डेबिलिटी, मॉर्गेज, ट्रैफिक, सुरक्षा, स्कूल और रोजमर्रा की जिंदगी के तनाव के बारे में बात करते सुना है। मैं अच्छी तरह समझता हूं कि कम्युनिटी की ये चिंताएं और समस्याएं कहां से आ रही हैं।
आज का ब्रैम्पटन बदल चुका है, इसलिए सिटी हॉल में हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें जिम्मेदार ग्रोथ, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित नेबरहुड्स और टैक्सपेयर्स के प्रत्येक डॉलर के लिए पूरी जवाबदेही चाहिए।
मेरा संदेश बहुत सीधा है—सिर्फ इसलिए उसी तरह वोट मत दीजिए क्योंकि आप हमेशा से उसी तरह वोट देते आए हैं। समस्याओं और मुद्दों को समझिए, उम्मीदवारों की तुलना कीजिए और वोट देने से पहले दो बार सोचिए।
अगर आपको लगता है कि ब्रैम्पटन को अब बदलाव की जरूरत है, तो मुझे भी आपको रिप्रेजेंट करने का एक अवसर दीजिए। आपने पहले भी कई उम्मीदवारों को अवसर दिया है और उनके नतीजे आपके सामने हैं।”
शाह ने कहा, “फैसला आपका है। अगर हमें बदलाव चाहिए, तो हमें अपनी सोच और चुनाव करने के तरीके में भी बदलाव लाना होगा।”
संपादकीय नोट
‘ध्वनि कम्युनिटी न्यूज़पेपर’ के चीफ एडिटर हितेश जगड ने अपने विशेष संदेश में स्पष्ट किया है कि यह इंटरव्यू किसी विशेष उम्मीदवार का समर्थन या एंडोर्समेंट नहीं है।
‘ध्वनि’ का मुख्य उद्देश्य रीडर्स को उम्मीदवारों के विचारों, योजनाओं और प्राथमिकताओं से परिचित कराना तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है। विशेष रूप से ओंटारियो और कनाडा की राजनीति में आगे आ रहे गुजराती इंडो-कैनेडियन उम्मीदवारों को अपनी बात कम्युनिटी तक पहुंचाने के लिए एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भी अखबार अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानता है।
हितेश जगड ने कम्युनिटी से अपील की है कि राजनीति को केवल ड्रॉइंग रूम, चाय-कॉफी की चर्चाओं या WhatsApp ग्रुप्स तक सीमित न रखें, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।
उम्मीदवारों से सवाल पूछिए, उनके वादों को परखिए और पूरी जानकारी के साथ मतदान कीजिए। आपका वोट किसी राजनीतिक दल, सोशल मीडिया ग्रुप या कम्युनिटी ऑर्गेनाइजेशन का नहीं है—वह आपका अपना अधिकार है।
इसलिए 2026 के म्युनिसिपल इलेक्शन में अपने मताधिकार का इस्तेमाल पूरी समझदारी, विवेक और जिम्मेदारी के साथ करें।
रीडर्स के लिए ‘ध्वनि’ का पारदर्शिता संदेश
‘ध्वनि कम्युनिटी न्यूज़पेपर’ अपने रीडर्स के साथ पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। केवल शाह के साथ किया गया यह इंटरव्यू पूरी तरह अनपेड (Unpaid) है। इस इंटरव्यू के लिए उम्मीदवार या उनकी चुनावी टीम से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं लिया गया है।
इस विशेष इंटरव्यू सीरीज़ का उद्देश्य किसी उम्मीदवार का चुनाव प्रचार या समर्थन करना नहीं है। इसका उद्देश्य कम्युनिटी को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों, उनके विचारों, योजनाओं, प्राथमिकताओं और विज़न को बेहतर तरीके से समझने का अवसर देना है।
हमारा प्रयास है कि वोटर्स चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को समझें, उम्मीदवारों से सवाल पूछें, अलग-अलग उम्मीदवारों की तुलना करें और मतदान करते समय अपना स्वतंत्र एवं जानकारी पर आधारित निर्णय (Informed Decision) लें।
‘ध्वनि’ का मानना है कि जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की असली नींव है।
इस इंटरव्यू या ‘ध्वनि’ के 2026 चुनाव कवरेज से संबंधित किसी भी सवाल, सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए हमें ईमेल करें: dhwaninewsmedia@gmail.com

